प्रमेह

बबूल के पत्ते का रस 10 मिली, 200 मिली दूध के साथ 15 दिन तक लेने से लाभ होगा। रात का भोजन सूर्यास्त से पहले करे ताकि सोने से पहले पेसाब किया जा सके और रात को सोने से पहले शौच जाकर आयें और सुबह मे जल्दी उठे। हरी गिलोए Read more…

वातरोग

सोंठ के 20 से 40 मिली काढ़े में 5 से 10 ग्राम अरण्डी का तेल डालकर सोते समय लेने पर खूब लाभ होता है। महुएं के तेल में कूपर मिलाकर मालिश करें। लहसुन का सेवन करें। धतूरे के पत्तों का भुर्ता बनाकर दर्द की जगह पर बांधे। प्रतिदिन लहसुन की Read more…

तेल के नाम पर जहर खाना बंद करें।

घी और तेल दोनों ऐसे खाद्यान हैं जिनका भारतीय रसोई में अपना एक विशेष महत्व है। तलने से लेकर फ्राई करने तक घी और तेल का विशेष उपयोग किया जाता है। पर आज दुर्भाग्य है की हम घी के नाम पर बटर ऑइल और तेल के नाम पर जहरीले पाम Read more…

रोग से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके

1.) कैल्शियम की कमी के लिए भोजन के बाद जीरा, तिल व कढ़ी पत्ता खाये। 2.) हार्टअटैक से बचने के लिए अदरक, लहसुन, पीपल पत्ते या अर्जुनारिष्ट लें। 3.) बवासीर से बचने के लिए खाली पेट भूपत्री बूटी या पत्थरचट्टा लें। 4.) किडनी को बचाने के लिए हरा धनिया खाये। Read more…

क्यों खत्म होती जा रही है आपकी इम्यूनिटी (Immunity)?

आज हमसभी परेशान हैं क्योंकि हम अपनी इम्यूनिटी (Immunity) खोते जा रहे हैं। इम्यूनिटी को लेकर एक बड़ी समस्या है क्योंकि यह किसी दवा दुकान (Medical Shop) पर नहीं मिलती। न किसी अस्पताल (Hospital) में मिलती है न ही किसी बड़े डॉक्टर के पास। पर मिलती कहाँ है ????? इम्यूनिटी Read more…

बुखार लगने की स्थिति में या इसके लक्षण दिखाई देने की स्थिति में क्या करें?

जब शरीर में विजातीय द्रव्य बढ़ जाता है या किसी प्रकार का संक्रमण फैल जाता है तब शरीर अपने तापमान को बढ़ाकर गंदगी को जलाती है। इस समय शरीर में जल तत्व की ज्यादा कमी होती है। ऐसी स्थिति में जल की मात्रा शरीर में बढ़ानी है। ऐसी स्थिति में Read more…

भोजन (आहार)

शरीर के पोषण एवं क्षतिपूर्ण के लिए आहार अनिवार्य है। केवल आहार को सुधार कर भी मनुष्य के सभी रोग दूर किये जा सकते हैं। इसलिए कहा गया है कि आहार ही औषधि है। वह व्यक्ति बुद्धिमान है जो स्वस्थ दीर्घ जीवन के लिए आवश्यक आहार ग्रहण करता है और Read more…

सकारात्मक सोच (Positive Thinking)

संसार में कुछ भी अच्छा या बुरा नहीं है, हमारा नजरिया ही उसे अच्छा या बुरा बनाता है। हमारे नजरिये के अनुसार संसार की हर वस्तु में गुण या अवगुण, अच्छाई या बुराई मिलेगी। गुण या अच्छाई को देखना सकारात्मक दृष्टिकोण है और अवगुण या बुराई को देखना नकारात्मक दृष्टिकोण Read more…

मौन की शक्ति

भारतीय संस्कृति एवं हर धर्म में मौन व्रत की आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्वपूर्ण भूमिका है। मौन से शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है।   अधिक बोलने से शारीरिक ऊर्जा तथा शक्ति नष्ट होती है मौन रहना अप्रत्यक्ष रूप से शक्ति-संचय की एक प्रक्रिया है।   मौन से व्यक्ति Read more…