सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) होने के कारण क्या-क्या है?

सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) एक प्रकार का कैंसर है जो महिलाओं की गर्भाशय मुंहास्त्र (Cervix) के कोशिकाओं से उत्पन्न होता है। यह कैंसर अक्सर हमारे शरीर में होने वाले वायरस HPV (Human Papilloma Virus) के कारण होता है और इससे Read more…

महिलाओं में मासिक (menstruation) से जुड़े सवाल-जवाब

महिलाओं में मासिक (menstruation) से जुड़े सवाल-जवाब महिलायें मासिक (menstruation) से जुड़ी बातें करने में कतराती हैं, यहाँ तक की शादी-सुदा महिलायें भी अपने साथी/पति से खुलकर इसपर बातें नहीं करतीं। मासिक की सही स्थिति और उससे जुड़ी समस्या महिलाओं Read more…

अपस्मार (मिर्गी)

दूध आक का लीजिए, तलवों माहि रमाय । दिन चालीस लगाइए, मिर्गी रोग नसाय || 1. लहसुन की 4-6 कलियों को दूध में भिगोकर प्रतिदिन सेवन करने से थोड़े ही दिनों में इस रोग से छुटकारा मिटा है । 2. Read more…

जोड़ो के दर्द (Joint Pain) में अपनायें इन तरीकों को जल्द मिलेगी राहत

जोड़ो के दर्द (Joint Pain) में अपनायें इन तरीकों को जल्द मिलेगी राहत बड़ का दूध 4 से 6 बूंद 15 दिन तक बताशे में डालकर दें। मधुमेह के रोगी तुलसी पत्तों में ले। आम्बा हल्दी, सौंठ, लॉग, काली मिर्च, Read more…

पेट के रोग-भाग 2

 जलोदर आधा चम्मच लहसुन का रस 125 ग्राम पानी में मिलाकर कुछ दिन पिलाने से जलोदर रोग दूर हो जाता है। 1 माह लें।  50 ग्राम करेले का रस पानी में मिलाकर 1 माह पिलाने से जलोदर रोग और यकृत Read more…

पेट के रोग-भाग3

सेका व पिसा हुआ जीरा, सिकी हुई डीग, कालीमिर्च व संधा नमक दही के पानी डालकर नित्य पीने से अपच ठीक होता है। भोजन शीघ्र पचता है। सामान्य पेट दर्द गर्म पानी में अरंडी का तेल दो तोला पीने से Read more…

पेट के रोग-भाग 1

अरुचि भोजन से पूर्व अदरक, नींबू के रस के साथ नमक मिलाकर खाने से मंदाग्नि, अजीव अरुचि में लाभ होगा। 10 दिन लें । सावधानी :- असमय भोजन करने से, मल-मूत्र आदि के वेग को रोकने से, निद्रा का नियम Read more…

प्रमेह

बबूल के पत्ते का रस 10 मिली, 200 मिली दूध के साथ 15 दिन तक लेने से लाभ होगा। रात का भोजन सूर्यास्त से पहले करे ताकि सोने से पहले पेसाब किया जा सके और रात को सोने से पहले Read more…

वातरोग

सोंठ के 20 से 40 मिली काढ़े में 5 से 10 ग्राम अरण्डी का तेल डालकर सोते समय लेने पर खूब लाभ होता है। महुएं के तेल में कूपर मिलाकर मालिश करें। लहसुन का सेवन करें। धतूरे के पत्तों का Read more…