नवग्रह वाटिका और इसका महत्व – Navgrah Vatika and its Importance

भारतीय ज्योतिष मान्यता में ग्रहों की संख्या 9 मानी गयी है। ऐसी मान्यता है कि इन ग्रहों कि विभिन्न नक्षत्रों में स्थिति का विभिन्न मनुष्यों पर विभिन्न प्रकार का प्रभाव पड़ता है, ये प्रभाव अनुकूल और प्रतिकूल दोनों होते हैं।                नवग्रह मंडल के ग्र्हानुसार वनस्पतियों की स्थापना करने पर Read more…

रोग से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके

1.) कैल्शियम की कमी के लिए भोजन के बाद जीरा, तिल व कढ़ी पत्ता खाये। 2.) हार्टअटैक से बचने के लिए अदरक, लहसुन, पीपल पत्ते या अर्जुनारिष्ट लें। 3.) बवासीर से बचने के लिए खाली पेट भूपत्री बूटी या पत्थरचट्टा लें। 4.) किडनी को बचाने के लिए हरा धनिया खाये। Read more…

सकारात्मक सोच (Positive Thinking)

संसार में कुछ भी अच्छा या बुरा नहीं है, हमारा नजरिया ही उसे अच्छा या बुरा बनाता है। हमारे नजरिये के अनुसार संसार की हर वस्तु में गुण या अवगुण, अच्छाई या बुराई मिलेगी। गुण या अच्छाई को देखना सकारात्मक दृष्टिकोण है और अवगुण या बुराई को देखना नकारात्मक दृष्टिकोण Read more…

मौन की शक्ति

भारतीय संस्कृति एवं हर धर्म में मौन व्रत की आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्वपूर्ण भूमिका है। मौन से शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है।   अधिक बोलने से शारीरिक ऊर्जा तथा शक्ति नष्ट होती है मौन रहना अप्रत्यक्ष रूप से शक्ति-संचय की एक प्रक्रिया है।   मौन से व्यक्ति Read more…

विचारों का स्वास्थ्य पर प्रभाव

मनुष्य जैसे विचार रखता है, वैसा ही बनता है। विचारों का स्वास्थ्य पर घनिष्ठ प्रभाव पड़ता है। जो लोग विषय-भोग, कामुकता, अश्लीलता के भाव मन में लाते रहते हैं या इस प्रकार की बातचीत या मनोरंजन करते रहते हैं वे कभी उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त नहीं कर सकते। चिन्ता, क्रोध, भय, Read more…

क्या है त्रिदोष | kya hai tridosh

 kya hai tridosh त्रिदोष (Tridosh) त्रिदोष (Tridosh) यानि वात,पित्त और कफ जो आयुर्वेद की अद्भूत खोज है और वैज्ञानिक सिद्धांत से भी पूर्ण है। यदि त्रिदोष समावस्था में है तो शरीर स्वस्थ होगा और विषमावस्था में है तो अस्वस्थ होगा। त्रिदोष के असंतुलन से बचने के लिए ऋतुचर्या, दिनचर्या, आहार-विहार Read more…