प्रमेह

बबूल के पत्ते का रस 10 मिली, 200 मिली दूध के साथ 15 दिन तक लेने से लाभ होगा। रात का भोजन सूर्यास्त से पहले करे ताकि सोने से पहले पेसाब किया जा सके और रात को सोने से पहले शौच जाकर आयें और सुबह मे जल्दी उठे। हरी गिलोए Read more…

वातरोग

सोंठ के 20 से 40 मिली काढ़े में 5 से 10 ग्राम अरण्डी का तेल डालकर सोते समय लेने पर खूब लाभ होता है। महुएं के तेल में कूपर मिलाकर मालिश करें। लहसुन का सेवन करें। धतूरे के पत्तों का भुर्ता बनाकर दर्द की जगह पर बांधे। प्रतिदिन लहसुन की Read more…

बुखार लगने की स्थिति में या इसके लक्षण दिखाई देने की स्थिति में क्या करें?

जब शरीर में विजातीय द्रव्य बढ़ जाता है या किसी प्रकार का संक्रमण फैल जाता है तब शरीर अपने तापमान को बढ़ाकर गंदगी को जलाती है। इस समय शरीर में जल तत्व की ज्यादा कमी होती है। ऐसी स्थिति में जल की मात्रा शरीर में बढ़ानी है। ऐसी स्थिति में Read more…

Brain stroke क्या है ?

हृदय से मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली रक्त नलिकाओं में खून का थक्का जमने या रक्त संचार बाधित होने पर brain स्ट्रोक की स्थिति बनती है, अर्थात्त ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी तब होती है जब पर्याप्त मात्रा मे ऑक्सीज़न दिमाग तक नही पहुँच पाती है। ब्रेन स्ट्रोक का सही समय Read more…

Phyllodes Tumor क्या है?

Phyllodes tumor (फीलोड्स ट्यूमर) एक स्तन ट्यूमर है जो की बहुत ही कम लोगों मे पाया जाता है । ये ट्यूमर स्तन के connective tissue ( संयोजी ऊतक ) मे बढ़ता है, जिसे स्ट्रोमा कहते हैं । इसमे tissue ( ऊतक) और ligaments शामिल होते हैं जो स्तन मे duct Read more…

लंग कैंसर (फेफड़ों का कैंसर)/ Lungs Cancer In Hindi

आपके फेफड़े आपकी छाती में दो स्पंजी अंग हैं जो ऑक्सीजन  लेते हैं जब आप साँस लेते हैं और जब आप साँस छोड़ते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। फेफड़ों की कोशिकाओं का अनियंत्रित प्रकार से बढ़ना फेफड़ों के कैंसर का कारण होता है। जैसे-जैसे कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है, Read more…

वात और उससे होने वाले रोग- Vaat Rog Kya hota hai

  Vaat Rog Kya hota hai वात या वायु तीनों दोषों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। वात की विकृति से सबसे अधिक रोग होते हैं। वात सबसे पहले दूषित होता है। दूषित पित्त और कफ को भी वात ही विभिन्न अंगों में ले जाता है। इसलिए वात को सदैव नियंत्रित Read more…

छाजन का देसी इलाज | chhajan ki dava

छाजन का देसी इलाज | chhajan ki dava Chhajan: छाजन –Hives and Urticaria का रोग अपच होने, लू लगने, खून में विकार रहने, साबुन, चुने का अत्यधिक प्रयोग करने, माँ के दूध में खराबी होने से तथा स्त्रियों में मासिक धर्म की गड़बड़ियों की वजह से होता है। यह रोग Read more…

दातों का दर्द कैसे ठीक करें

आजकल दाँतों की समस्या तेजी से बढ़ रहा है खास करके के बच्चों में। दाँतों को नियमित रूप से साफ न करने से, पेट में क़ब्ज एवं वायु के रहने से, भोजन के पश्चात दाँतों में अन्न कण फँसे रहने से तथा अत्यधिक आइस्क्रीम खाने से दाँतों में दर्द रहता Read more…